45 मेट्रो स्टेशन बंद, सैकड़ों ट्रेनें रद्द! प्रदर्शन से आम लोगों पर क्या पड़ा असर?

Oct 12, 2026 - 03:48
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45 मेट्रो स्टेशन बंद, सैकड़ों ट्रेनें रद्द! प्रदर्शन से आम लोगों पर क्या पड़ा असर?
<p style="text-align: justify;">बीते चंद दिनों से राजधानी दिल्ली विरोध-प्रदर्शनों का केंद्र बनी हुई है. जिसका सबसे ज्यादा असर कारोबार पर पड़ रहा है. क्योंकि अधिकतर कारोबारी गतिविधियां मध्य दिल्ली के इलाकों में ही होती हैं और प्रदर्शन भी यहीं हो रहे हैं. वहीं लोगों को भी इस वजह से परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है. लेकिन कल 10 अक्टूबर को कॉकरोच जनता पार्टी के प्रदर्शन के ऐलान से मानो दिल्ली की रफ्तार और कारोबार थम सी गई.</p> <p style="text-align: justify;">जहां कल के दिन कारोबार को 2000 करोड़ का नुकसान हुआ तो वहीं, लोगों को आर्थिक के साथ मानसिक और शारीरिक परेशानी का भी सामना करना पड़ा. इसके अलावा रेलवे को भी राजस्व का तगड़ा नुकसान पहुंचा है.</p> <p style="text-align: justify;"><strong>कारोबार को दो हजार करोड़ का नुकसान</strong></p> <p style="text-align: justify;">बात करते हैं सबसे पहले कारोबार की तो, सदर बाजार, चांदनी चौक समेत दिल्ली के दर्जन भर से ज्यादा बाजार कल कॉकरोच जनता पार्टी के प्रदर्शन की वजह से बंद रहे. जबकि, जिन इलाकों में मार्केट खुले थे वहां खरीदारों की संख्या आम दिनों की तुलना में न के बराबर रही. कारण मेट्रो स्टेशनों का बंद होना, सड़कों पर जगह-जगह बैरिकेडिंग और मार्गों पर डायवर्जन लगा होना रहा.</p> <p style="text-align: justify;">चैंबर ऑफ ट्रेड एंड इंडस्ट्री के चेयरमैन बृजेश गोयल के मुताबिक, अकेले कल की तारीख में प्रदर्शन और घोषित पाबंदियों की वजह से कारोबार में दो हजार करोड़ के नुकसान का अनुमान लगाया जा रहा है. बाजार बंद रहे, पेट्रोल पंपों पर भीड़ नहीं थी, कई रेस्तरां और पार्लरों की बुकिंग कैंसिल हुई. लोग सेवा और खरीदारी के लिए निकल नहीं पाए या फिर पहुंच नहीं पाए. त्योहारी सीजन यानी नवरात्रा और रामलीला मंचन की शुरुआत के मौके पर भी दिल्ली में लॉकडाउन जैसे हालात बन आने की वजह से बाजार सुने पड़े रहे.</p> <p style="text-align: justify;"><strong>मेट्रो यात्री गंतव्य और प्रस्थान स्टेशन तक नहीं कर पाए सफर</strong></p> <p style="text-align: justify;">वहीं, यात्रा करने वाले यात्रियों को भी कल के दिन काफी परेशानियों का सामना करना पड़ा. जहां मेट्रो से यात्रा करने वाले यात्रियों को मेट्रो पर सवार होने के लिए पहले कई किलोमीटर तक ऑटो या कैब/बाइक राइड से सफर करनी पड़ी, वहीं उन्हें अपने वास्तविक गंतव्य से काफी आगे या कई स्टेशन पहले ही मेट्रो से निकलना पड़ा और वापस ऑटो-कैब का सहारा लेना पड़ा. इससे न उनका यात्रा में काफी समय बर्बाद हुआ बल्कि शारीरिक थकावट के साथ उन्हें यात्रा के लिए अतिरिक्त पैसे भी खर्चने पड़े.</p> <p style="text-align: justify;"><strong>ट्रेन पकड़ने वाले यात्रियों को भी उठानी पड़ी परेशानी</strong></p> <p style="text-align: justify;">जबकि ट्रेन से सफर करने वाले यात्रियों को भी कल के दिन काफी मुश्किलों से गुजरना पड़ा. एक तरफ जहां रेलवे द्वारा नई &nbsp;दिल्ली स्टेशन से कल की डेट में 35 मेल-एक्सप्रेस ट्रेनों को रद्द किए जाने से लोगों को अपनी यात्रा स्थगित या फिर वैकल्पिक साधनों से करनी पड़ी तो वहीं, जिनकी ट्रेन कैंसिल नहीं थी उन्हें स्टेशन पहुंचने के लिए काफी पापड़ बेलने पड़े.</p> <p style="text-align: justify;">ऑटो-कैब चालक उन्हें लंबी दूरी का चक्कर लगा कर स्टेशन लेकर पहुंचे. नतीजन दो-ढाई सौ के किराए वाले सफर के लिए लोगों को 400 रुपए तक चुकाने पड़े और उनका समय भी काफी बर्बाद हुआ. उनकी परेशानी यहीं खत्म नहीं हुई, जब उन्होंने किराए का ऑनलाइन भुगतान करना चाहा तो इंटरनेट सेवाओं के बंद होने की वजह से लोगों को नकद न होने पर एटीएम का भी चक्कर लगाना पड़ा. लोगों की इस मजबूरी का कल ऑटो-कैब चालकों ने भी खूब फायदा उठाया.</p> <p style="text-align: justify;"><strong>यात्रियों के एक करोड़ डूबे तो रेलवे को भी उठाना पड़ा 12 करोड़ का नुकसान</strong></p> <p style="text-align: justify;">जिन यात्रियों को ट्रेन से दिल्ली आना या दिल्ली से जाना था, उन्हें कल अपनी यात्रा या तो स्थगित करनी पड़ी या दूसरे साधनों से यात्रा विकल्प चुनना पड़ा क्योंकि रेल मंत्रालय ने मेल-एक्सप्रेस समेत करीब ढाई सौ ट्रेनों को रद्द कर दिया था. इस वजह से ढाई से तीन लाख यात्री प्रभावित हुए. जिनके लगभग 75 लाख से एक करोड़ रुपए बिना यात्रा के ही डूब गए. क्योंकि उनकी टिकट ऑटो कैंसिल हो गया लेकिन इस हालात में भी उनके द्वारा भरा गया पैमेंट गेटवे चार्ज और जीएसटी चार्ज जो प्रति टिकट औसतन 30 से 45 रुपए तक होता है वह उन्हें नहीं मिलता है.</p> <p style="text-align: justify;">वहीं, रेलवे को भी यात्रियों को टिकट रद्द होने की हालात में रिफंड देने से 12-15 करोड़ रुपए का नुकसान उठाना पड़ा. इसके अलावा लोको पायलट, कर्मचारियों का वेतन और स्टेशनों पर रैकों के खड़े रहने से रेलवे को परोक्ष वित्तीय नुकसान हुआ है. वहीं, मालगाड़ियों का संचालन गड़बड़ाने से रेलवे के राजस्व पर भी असर पड़ा है.</p> <p style="text-align: justify;"><strong><a href="https://www.abplive.com/utility-news/epfo-september-2026-ecr-filing-deadline-october-15-pf-payment-rules-and-penalty-3200285">EPFO का अलर्ट! 15 अक्टूबर तक ECR फाइल नहीं किया तो लगेगा जुर्माना</a></strong></p> <p><iframe title="YouTube video player" src="https://www.youtube.com/embed/UcraZ0t8wwU?si=0iAvqaulLyPZwCHd" width="560" height="315" frameborder="0" allowfullscreen="allowfullscreen"></iframe></p>

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