लालबाग के राजा (Lalbaugcha Raja) का विसर्जन 2026: जानिए तारीख, समय और पूरी जानकारी

यह आर्टिकल वर्ष 2026 में मुंबई के प्रसिद्ध 'लालबाग के राजा' (Lalbaugcha Raja) के विसर्जन की तारीख, समय और उससे जुड़ी महत्वपूर्ण जानकारी प्रदान करता है। इसमें बताया गया है कि इस वर्ष बप्पा का विसर्जन 25 सितंबर 2026 (शुक्रवार) को अनंत चतुर्दशी के पावन अवसर पर होगा और गिरगांव चौपाटी पर उनकी भव्य विसर्जन यात्रा निकाली जाएगी।

Sep 22, 2026 - 06:36
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लालबाग के राजा (Lalbaugcha Raja) का विसर्जन 2026: जानिए तारीख, समय और पूरी जानकारी

मुंबई के प्रसिद्ध 'लालबाग के राजा' (Lalbaugcha Raja) गणेशोत्सव के दौरान देश-दुनिया के करोड़ों श्रद्धालुओं के लिए आस्था का सबसे बड़ा केंद्र होते हैं। हर साल गणेश उत्सव के समापन पर बप्पा को भव्य विदाई दी जाती है। आइए जानते हैं कि वर्ष 2026 में लालबाग के राजा का विसर्जन किस दिन और कब होगा।

लालबाग के राजा का विसर्जन 2026 कब है?

वर्ष 2026 में लालबाग के राजा का विसर्जन 25 सितंबर 2026 (शुक्रवार) को किया जाएगा। यह पावन दिन अनंत चतुर्दशी (Anant Chaturdashi) का है, जो 11 दिवसीय गणेशोत्सव के समापन का प्रतीक होता है।

  • विसर्जन तिथि: 25 सितंबर 2026 (शुक्रवार)

  • पर्व: अनंत चतुर्दशी

अनंत चतुर्दशी और विसर्जन का महत्व

हिन्दू पंचांग के अनुसार, गणेश चतुर्थी से शुरू होने वाले इस महाउत्सव का समापन अनंत चतुर्दशी के दिन होता है। मुंबई और देश के अन्य हिस्सों में स्थापित होने वाले सभी प्रमुख सार्वजनिक गणेशोत्सव मंडलों की तरह, लालबाग के राजा की मूर्ति का विसर्जन भी इसी दिन विधि-विधान के साथ किया जाता है।

  • चतुर्दशी तिथि का समय: वैदिक पंचांग के अनुसार, भाद्रपद मास के शुक्ल पक्ष की चतुर्दशी तिथि 24 सितंबर की रात 11:18 बजे से शुरू होकर 25 सितंबर की रात 11:08 बजे तक रहेगी।

  • उदया तिथि: उदया तिथि के आधार पर अनंत चतुर्दशी और मुख्य विसर्जन 25 सितंबर को मान्य होगा।

भव्य विसर्जन यात्रा (Procession)

अनंत चतुर्दशी के दिन सुबह से ही लालबाग के राजा के पंडाल और रास्ते में भक्तों का सैलाब उमड़ पड़ता है। बप्पा की एक झलक पाने और उन्हें अंतिम विदाई देने के लिए लाखों लोग सड़क पर उतरते हैं।

  • मिरवणूक (शोभायात्रा): लालबाग से शुरू होकर गिरगांव चौपाटी (Girgaon Chowpatty) तक निकलने वाली यह विसर्जन यात्रा कई घंटों लंबी चलती है, जिसमें पारंपरिक ढोल-ताशों की गूंज और 'गणपति बाप्पा मोरया, अगले बरस तू जल्दी आ' के जयकारों के साथ बप्पा को अरब सागर में विसर्जित किया जाता है।

  • ऑनलाइन दर्शन: जो भक्त मुंबई नहीं पहुंच पाते, वे मंडल की आधिकारिक वेबसाइट और सोशल मीडिया चैनल्स के माध्यम से विसर्जन प्रक्रिया तक घर बैठे ऑनलाइन दर्शन का लाभ उठाते हैं।

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