India First News Reader: जानिए भारत की पहली न्यूज़ रीडर कौन थीं और कैसा था उनका सफर?
भारत की पहली एंकर: प्रतिमा पुरी (विद्या रावत) भारत की पहली टेलीविजन न्यूज़ रीडर थीं, जिन्होंने 15 सितंबर 1959 को दूरदर्शन के पहले बुलेटिन की शुरुआत की थी।
(Pratima Puri) थीं। उन्हें भारतीय टेलीविजन इतिहास की पहली समाचार प्रस्तुतकर्ता होने का गौरव प्राप्त है।
इससे जुड़ा पूरा इतिहास और सफर इस प्रकार है:
1. दूरदर्शन की शुरुआत और पहला बुलेटिन
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15 सितंबर 1959: भारत में टेलीविजन की शुरुआत 'दूरदर्शन' (Doordarshan) के रूप में एक प्रायोगिक (Experimental) तौर पर हुई थी।
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इस दिन दिल्ली में एक छोटे से ट्रांसमीटर और मेक-शिफ्ट स्टूडियो से देश का पहला 5 मिनट का न्यूज़ बुलेटिन प्रसारित किया गया था।
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इस पहले ऐतिहासिक बुलेटिन को पढ़ने की जिम्मेदारी प्रतिमा पुरी को ही सौंपी गई थी, और इस तरह वह भारत की पहली आधिकारिक न्यूज़ रीडर बन गईं।
2. कौन थीं प्रतिमा पुरी?
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उनका मूल नाम विद्या रावत था और उनका संबंध हिमाचल प्रदेश के शिमला से था।
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दूरदर्शन से जुड़ने से पहले वह 'ऑल इंडिया रेडियो' (All India Radio - AIR) में ब्रॉडकास्टिंग का काम करती थीं। अपनी बेहतरीन और स्पष्ट आवाज के कारण वह रेडियो जगत में जानी-पहचानी थीं।
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जब सरकार ने टेलीविजन चैनल शुरू किया, तो उनकी आवाज और प्रतिभा को देखते हुए उन्हें मुख्य समाचार उद्घोषक (News Announcer) के रूप में चुना गया।
3. उस दौर की अन्य ऐतिहासिक शख्सियतें
प्रतिima पुरी के बाद, 1960 और 1970 के दशक में दूरदर्शन पर कई ऐसे दिग्गज चेहरे आए जिन्होंने भारतीय टेलीविजन पत्रकारिता को एक नई पहचान दी:
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सलमा सुल्तान: अपने बालों में गुलाब का फूल लगाने और बेहद शालीनता से समाचार पढ़ने के अंदाज के लिए जानी जाती थीं।
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गीतांजलि अय्यर: वह दूरदर्शन की पहली अंग्रेजी न्यूज़ रीडर थीं।
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शम्मी नारंग और सरला माहेश्वरी: ये भी दूरदर्शन के शुरुआती और बेहद लोकप्रिय समाचार प्रस्तुतकर्ता रहे।
प्रतिमा पुरी ने न केवल भारत के पहले टेलीविज़न न्यूज़ रीडर के रूप में इतिहास रचा, बल्कि बाद में उन्होंने नए एंकर्स को ट्रेनिंग देने का काम भी किया। 2007 में उनका निधन हो गया, लेकिन भारतीय मीडिया के इतिहास में उनका नाम हमेशा के लिए अमर हो गया।
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