अब और आसान होगा महिलाओं का सफर, तमिलनाडु सरकार ने जारी किए जीरो फेयर टिकट्स
<p style="text-align: justify;">रोज बस से सफर करने वाली महिलाओं के लिए 2 अक्तूबर का दिन एक बड़े बदलाव के साथ आया. अब सवाल सिर्फ इतना नहीं है कि यात्रा मुफ्त होगी या नहीं, बल्कि यह है कि किन-किन बसों में बिना किराया दिए सफर किया जा सकेगा?</p>
<p style="text-align: justify;">गांधी जयंती के मौके पर तमिलनाडु सरकार ने महिलाओं की मुफ्त बस यात्रा से जुड़ी सुविधा का विस्तार कर दिया है. मुख्यमंत्री सी. जोसेफ विजय ने चेन्नई के कोयंबेडु बस टर्मिनस पर यात्रियों को जीरो-फेयर टिकट देकर ‘वेतरी पयानाम’ योजना की शुरुआत की है.</p>
<p style="text-align: justify;"><strong>पहले से ज्यादा बसों में मिलेगी सुविधा</strong></p>
<p style="text-align: justify;">नई व्यवस्था के तहत मुफ्त यात्रा का लाभ अब केवल सामान्य शहर और कस्बाई बसों तक सीमित नहीं रहेगा. राज्य की सात (STCs) द्वारा संचालित कई अतिरिक्त बस सेवाओं को भी इसमें शामिल किया गया है.</p>
<p style="text-align: justify;">इनमें एक्सपरेस, लिमिटिड सटोप सर्विस(LSS), डिल्कस, मोफयुजुल ओर्डनरी और घाट ओर्डनरी बसें शामिल हैं. पहाड़ी इलाकों में 40 किलोमीटर से ज्यादा दूरी तय करने वाली निर्धारित सेवाओं को भी योजना के दायरे में लाया गया है. </p>
<p style="text-align: justify;"><strong>रोजाना 84 लाख से ज्यादा महिलाओं को फायदा</strong></p>
<p style="text-align: justify;">सरकार के मुताबिक योजना के विस्तार के बाद कुल 12,695 बसें इसके तहत संचालित होंगी. इन बसों से हर दिन लगभग 1,68,500 सिंगल ट्रिप चलाए जाने का अनुमान है. इससे राज्य में प्रतिदिन करीब 84.32 लाख महिला यात्रियों को फायदा मिलने की उम्मीद है.</p>
<p style="text-align: justify;"><strong>आय की कोई सीमा नहीं, यात्रा की संख्या भी तय नहीं</strong></p>
<p style="text-align: justify;">इस सुविधा का इस्तेमाल करने के लिए महिलाओं के लिए किसी तरह की आय सीमा निर्धारित नहीं की गई है. इसके अलावा एक दिन में कितनी बार मुफ्त यात्रा की जा सकती है, इसकी भी कोई अधिकतम सीमा नहीं रखी गई है. योजना में ट्रांसजेंडर यात्रियों को भी शामिल किया गया है.</p>
<p style="text-align: justify;"><strong>छात्राओं और कामकाज महिलाओं को मिलेगी मदद</strong></p>
<p style="text-align: justify;">सरकार के अनुसार योजना का उद्देश्य परिवहन खर्च को महिलाओं की शिक्षा, रोजगार और जरूरी सेवाओं तक पहुंच में बाधा बनने से रोकना है. दूर के कॉलेजों में पढ़ने वाली छात्राएं, नौकरी के लिए यात्रा करने वाली महिलाएं और चिकित्सा या अन्य जरूरी कामों के लिए बस से सफर करने वाले यात्रियों को इससे सुविधा मिलने की बात कही गई है.</p>
<p style="text-align: justify;">हालांकि, सभी बसों में यह सुविधा लागू नहीं होगी, (SETC) की बसें इस योजना में शामिल नहीं हैं. वहीं कुछ विशेष सेवाओं पर भी मुफ्त यात्रा का लाभ उपलब्ध नहीं होगा.</p>
<p style="text-align: justify;"><strong>दो जिलों में फिलहाल रोक</strong></p>
<p style="text-align: justify;">तमिलनाडु के मदुरांतकम और धारापुरम में उपचुनाव के चलते मोडल कोड ऑफ कंडक्ट लागू है. इसलिए इन दोनों क्षेत्रों में योजना का कार्यान्वयन चुनाव प्रक्रिया पूरी होने तक स्थगित रखा गया है. ‘वेतरी पयानाम’ नाम का अर्थ ‘विजयी यात्रा’ है. सरकार ने इसे महिलाओं और ट्रांसजेंडर यात्रियों के लिए शिक्षा, रोजगार, आजीविका और सामाजिक भागीदारी को आसान बनाने वाली पहल के रूप में पेश किया है.</p>
<p style="text-align: justify;"><strong>यह भी पढ़ें- </strong><strong><a href="https://www.abplive.com/utility-news/senior-citizens-pension-adalat-to-be-held-haryana-gurugram-on-october-12-and-13-3196736">सीनियर सिटिजन्स के लिए खुशखबरी, 12 और 13 अक्टूबर को लगेगी पेंशन अदालत</a></strong></p>
<p style="text-align: justify;"><strong>यह भी देखें-</strong></p>
<p style="text-align: justify;"><iframe title="YouTube video player" src="https://www.youtube.com/embed/IoBXtMSGbX4?si=H7M4WkEhwhi_QXyO" width="560" height="315" frameborder="0" allowfullscreen="allowfullscreen"></iframe></p>
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