कार पार्क करते ही जेब ढीली, एयरपोर्ट पर गाड़ी खड़ी करना इतना महंगा क्यों?

Sep 27, 2026 - 05:32
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कार पार्क करते ही जेब ढीली, एयरपोर्ट पर गाड़ी खड़ी करना इतना महंगा क्यों?
<p style="text-align: justify;">एयरपोर्ट पर किसी को छोड़ने के लिए जाना लोगों को काफी महंगा पड़ जाता है. खासतौर से तब जब अपनी गाड़ी से किसी को छोड़ने गए हों और उसे पार्किंग में खड़ा किया हो. तो वहीं कई बार लोग छोटे से ट्रिप पर जाते हैं और अपनी गाड़ी को पार्किंग में ही छोड़ देते हैं. लेकिन पार्किंग का बिल इतनी तेजी से बढ़ रहा है कि लोगों की जेब एक बार में ढीली हो जती है.</p> <p style="text-align: justify;">आधे घंटे से ज्यादा रुकने पर ही कई बार कुछ सौ रुपये देने पड़ जाते हैं, लेकिन आखिर ऐसा क्यों होता है? आइये समझने की कोशिश करते हैं.</p> <p style="text-align: justify;"><strong>दिल्ली- मुंबई एयरपोर्ट पर कितना है पार्किंग चार्ज?</strong><br />बात करें पहले दिल्ली के बारे में तो एयरपोर्ट पर निजी कार की पार्किंग के लिए 30 मिनट तक 160 रुपये, 30 मिनट से 1 घंटे तक 250 रुपये और 1 से 2 घंटे तक 320 रुपये देने पड़ते हैं. वहीं, 4 से 24 घंटे की पार्किंग का शुल्क 600 रुपये है.</p> <p style="text-align: justify;">बात करें मुंबई के छत्रपति शिवाजी महाराज इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर, तो 30 मिनट से 1 घंटे की साधारण पार्किंग का शुल्क टर्मिनल-1 पर 230 रुपये और टर्मिनल-2 पर 250 रुपये है. दोनों टर्मिनल पर 4 से 24 घंटे की सामान्य पार्किंग का शुल्क 600 रुपये है. मुंबई एयरपोर्ट के टर्मिनल-2 पर प्रीमियम पार्किंग और भी महंगी है. यहां 4 से 24 घंटे के लिए 900 रुपये देने पड़ते हैं.</p> <p style="text-align: justify;"><strong>क्यों हैं पार्किंग चार्ज इतना ज्यादा?</strong><br />FAII की Aviation Cargo चेयरपर्सन डॉ. वंदना सिंह ने फाइनेंशियल एक्सप्रेस के साथ बातचीत करते हुए बताया कि, टर्मिनल के पास जमीन सीमित होती है. इसलिए वहां पार्किंग की जगह की कीमत ज्यादा हो जाती है. यानी ग्राहक सिर्फ कार खड़ी करने की जगह का पैसा नहीं देते, बल्कि एयरपोर्ट से जुड़ी सुरक्षा और दूसरी सुविधाओं का खर्च भी इसमें शामिल होता है.&nbsp;</p> <p style="text-align: justify;"><strong>एयरपोर्ट पार्किंग चार्ज में क्या-क्या शामिल?</strong><br />फाइनेंशियल एक्सप्रेस पर विशेषज्ञों ने बताया कि, एयरपोर्ट की पार्किंग की तुलना किसी भी नॉर्मल शहर की पार्किंग से नहीं की जा सकती. एयरपोर्ट पर पार्किंग की जगह के साथ कई दूसरी सुविधाओं और सुरक्षा व्यवस्थाओं का खर्च भी जुड़ा होता है, जिसमें जमीन की लागत, टर्मिनल तक पहुंच की व्यवस्था, सुरक्षा और निगरानी सिस्टम, सीसीटीवी और सर्विलांस, पार्किंग मैनेजमेंट की तकनीक, रोशनी और साफ-सफाई, कर्मचारियों का खर्च, 24 घंटे संचालन, फायर और सेफ्टी सिस्टम, वाहनों की आवाजाही को नियंत्रित करने की व्यवस्था आदि का चार्ज भी शामिल है.</p> <p style="text-align: justify;"><strong>कैसे तय होता है एयरपोर्ट पार्किंग रेट?</strong><br />हर एयरपोर्ट पर पार्किंग का शुल्क एक जैसा नहीं होता. इसके लिए कई चीजों को ध्यान में रखा जाता है, जैसे कि एयरपोर्ट पर यात्रियों की संख्या कितनी है, पार्किंग के लिए कितनी जगह बाकी है, जमीन और इंफ्रास्ट्रक्चर की लागत के हिसाब से रेट तय किया जाता है. इसके अलावा पार्किंग के संचालन का खर्च, पार्किंग चलाने वाली कंपनी के साथ हुई डील आदि के खर्च को देखते हुए तय किया जाता है.</p> <p style="text-align: justify;">बता दें कि एयरपोर्ट पार्किंग को आमतौर पर नॉन-एयरोनॉटिकल सर्विस माना जाता है. जिसके मुताबिक ये एयरपोर्ट की कमाई का ऐसा हिस्सा है, जो सीधे फ्लाइट के संचालन से जुड़ा नहीं है. अगर पार्किंग का ठेका किसी दूसरी कंपनी को दिया गया है तो एयरपोर्ट को तय लाइसेंस फीस, मिनिमम गारंटी, कमाई में हिस्सा या इनका मिला-जुला मॉडल मिल सकता है.</p> <p style="text-align: justify;"><strong>ये भी पढ़ें: <a href="https://www.abplive.com/utility-news/in-delhi-driving-a-vehicle-without-a-puc-certificate-from-october-1st-will-attract-a-fine-of-10000-3194203">दिल्ली में 1 अक्टूबर से बिना PUC गाड़ी चलाई तो कटेगा 10 हजार का चालान, सरकार का ऐलान</a></strong></p>

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