टाइटल डीड पर पति का नाम, फिर भी घर से हुआ बेदखल, पत्नी जीती कोर्ट केस

Oct 14, 2026 - 19:38
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टाइटल डीड पर पति का नाम, फिर भी घर से हुआ बेदखल, पत्नी जीती कोर्ट केस
<p style="text-align: justify;">अगर किसी घर के मालिकाना हक के डॉक्युमेंट्स में पति और पत्नी दोनों का नाम दर्ज है, तो क्या दोनों का उस घर पर बराबर अधिकार होता है? केरल हाईकोर्ट के एक मामले ने इस सवाल को सुर्खियों में ला दिया है. कोर्ट ने एक ऐसे पति को घर खाली करने का आदेश दिया, जिसका नाम प्रॉपर्टी की टाइटल डीड में शामिल था. लेकिन अदालत ने मामले में पैसों के लेन-देन और घर खरीदने के लिए रकम किसने चुकाई, इन बातों को ज्यादा अहमियत दी.</p> <p style="text-align: justify;">यह मामला केरल के कनूर जिले के थलस्सेरी निवासी कुरुदंकंडी और उनकी पत्नी शरीफ से जुड़ा हुआ है. पत्नी के पिता ने शादी के बाद दंपति के संयुक्त नाम पर घर खरीदा था. लेकिन दोनों के बीच वैवाहिक संबंध खराब होने के बाद घर के मालिकाना हक को लेकर विवाद शुरू हो गया. जिसके बाद यह मामला अदालत तक पहुंचा, जहां पति अपने दावे को साबित नहीं कर सके.</p> <p style="text-align: justify;"><strong>क्या है पूरा मामला?</strong></p> <p style="text-align: justify;">कुरुदंकंडी और शरीफ की शादी 15 सितंबर 2012 को हुई थी. पत्नी के पिता ने अपनी बेटी और दामाद के संयुक्त नाम पर घर खरीदा था. हालांकि, घर खरीदने के लिए पैसे उन्होंने ही दिए थे. इसके लिए उन्होंने बैंक से 25 लाख रुपए का होम लोन भी लिया था. शादी के बाद पति-पत्नी विदेश में रहे और फिर भारत लौट आए. बाद में इन दोनों के रिश्ते में खटास आ गई और दोनों के बीच घर के मालिकाना हक को लेकर विवाद शुरू हो गया.</p> <p style="text-align: justify;">पत्नी ने अपने गहने वापस मांगने के साथ घर पर अपना दावा किया. उनका कहना था कि घर खरीदने के लिए उनके पिता ने पैसे दिए थे. वहीं पति का कहना था कि घर खरीदने के लिए उनके भाई ने रकम दी थी, लेकिन वह अदालत में इस दावे को साबित नहीं कर सके.</p> <p style="text-align: justify;"><strong>पति को घर क्यों खाली करना पड़ा?</strong></p> <p style="text-align: justify;">अदालत में सुनवाई के दौरान पत्नी के पिता ने बैंक रिकॉर्ड के जरिए यह साबित किया कि घर खरीदने के लिए उन्होंने रकम का इंतजाम किया था. हालांकि, बैंक स्टेटमेंट के मुताबिक 2 नवंबर 2015 को खाते में 25 लाख रुपये जमा हुए और 9 नवंबर 2015 को बिक्री विलेख के दिन इतनी ही रकम खाते से निकाली गई. यानी इससे यह साफ जाहीर होता है कि घर खरीदने के उनके पैसे इस्तेमाल हुए.&nbsp;</p> <p style="text-align: justify;">दूसरी ओर, पति यह साबित नहीं कर पाया कि उसने घर खरीदने के लिए कोई रकम दी थी. पति ने कहा कि उनके भाई ने उन्हें रकम दी थी, लेकिन इस दावे के समर्थन में न तो कोई गवाही पेश की गई और न ही पैसे के लेन-देन से जुड़े जरूरी दस्तावेज दिए गए. अदालत ने इन सबूतों को ध्यान में रखते हुए पत्नी के पिता के दावे को खारिज कर दिया और उन्हें तीन महीने के भीतर घर खाली करने का आदेश दिया.</p> <p style="text-align: justify;"><strong><a href="https://www.abplive.com/utility-news/up-bc-sakhi-yojana-2026-eligibility-salary-benefits-and-online-application-process-3202016">यूपी की बीसी सखी योजना, महिलाओं को कब-कब कितने रुपए मिलते हैं?</a></strong></p> <p><iframe title="YouTube video player" src="https://www.youtube.com/embed/MFdplcrArd0?si=05MwIBFGU6RlwTMg" width="560" height="315" frameborder="0" allowfullscreen="allowfullscreen"></iframe></p>

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