UIDAI ने आधार की 5 सर्विस को बनाया आसान, राशन के लिए अब चेहरा ही पहचान
<p style="text-align: justify;">अगर आप आधार कार्ड से जुड़ी सेवाओं का इस्तेमाल करते हैं, तो यह खबर आपके काम की है. भारतीय विशिष्ट पहचान प्राधिकरण (UIDAI) ने आधार से जुड़ी सेवाओं को आसान और ज्यादा आरामदायक बनाने के लिए पांच नई सर्विस शुरू की हैं. इस पहल में राशन लेने के लिए चेहरे से पहचान की सुविधा, नई टोकन मैनेजमेंट सिस्टम और नई वेबसाइट समेत कई बदलाव शामिल हैं.</p>
<p style="text-align: justify;">दरअसल, UIDAI ने इस पहल का ऐलान कोलकाता में आयोजित 17वें आधार दिवस के मौके पर हुए ‘आधार संवाद’ कार्यक्रम में की है. इन बदलावों का खास मकसद आधार से जुड़ी सेवाओं को इस्तेमाल करना पहले के मुकाबले में ज्यादा आसान बनाना और डिजिटल सुविधाओं तक लोगों की पहुंच बेहतर करना है.</p>
<p style="text-align: justify;"><strong>राशन लेने के लिए चेहरे से होगी पहचान</strong></p>
<p style="text-align: justify;">UIDAI ने खाद्य एवं सार्वजनिक वितरण विभाग (DFPD) और राष्ट्रीय सूचना विज्ञान केंद्र (NIC) के साथ मिलकर e-PDS लाभार्थियों के लिए फेस ऑथेंटिकेशन की सुविधा शुरू की है. इसके तहत राशन लेने के दौरान कुछ मामलों में उंगली के निशान के बदले फेस ऑथेंटिकेशन किया जा सकता है. यानी जिन लोगों के फिंगरप्रिंट से पहचान करने में परेशानी होती है, उन्हें इससे काफी मदद मिल सकती है.</p>
<p style="text-align: justify;">हालांकि, यह एक सहमति आधारित और कॉन्टैक्टलेस ऑथेंटिकेशन सिस्टम है, जिसे राज्य और केंद्र शासित प्रदेश इसे अपने e-PDS सिस्टम में शामिल कर सकते हैं.</p>
<p style="text-align: justify;"><strong>UIDAI ऑफिस जाने के लिए नई टोकन व्यवस्था</strong></p>
<p style="text-align: justify;">आधार कार्ड से जुड़ी सेवाओं के लिए UIDAI के राज्य और क्षेत्रीय कार्यालय जाने वाले लोगों के लिए नई टोकन मैनेजमेंट सिस्टम शुरू की गई है. इसका मकसद कार्यालय में लोगों की विजिट को बेहतर तरीके से मैनेज करना और आधार से जुड़ी ऑफलाइन सेवाओं तक पहुंच को आसान बनाना है.</p>
<p style="text-align: justify;"><strong>कम इस्तेमाल करने वाली संस्थाओं के लिए नया ढांचा</strong></p>
<p style="text-align: justify;">UIDAI ने Sub-AUA/Sub-KUA (Lite) फ्रेमवर्क भी पेश किया है. यह खासतौर पर उन सरकारी और पात्र गैर-सरकारी संस्थाओं के लिए है, जिन्हें आधार ऑथेंटिकेशन की जरूरत बहुत कम मात्रा में होती है. इसका सबसे बड़ा फायदा यह है कि इस व्यवस्था में संस्थाओं को अपना अलग ऑथेंटिकेशन इंफ्रास्ट्रक्चर तैयार करने की जरूरत नहीं होगी. ऐसे में वे पहले से मौजूद AUA या KUA के ऑथेंटिकेशन इंफ्रास्ट्रक्चर का इस्तेमाल कर सकेंगी.</p>
<p style="text-align: justify;"><strong>SWIK Portal 2.0 हुआ लॉन्च </strong></p>
<ul style="text-align: justify;">
<li>UIDAI ने आधार ऑथेंटिकेशन से जुड़ी संस्थाओं के लिए SWIK Portal 2.0 भी शुरू किया है.</li>
<li>पात्र गैर-सरकारी संस्थाएं इस पोर्टल के जरिए प्रस्ताव भेजा जा सकता है.</li>
<li>प्रस्ताव संबंधित मंत्रालय या सरकारी विभाग को ऑनलाइन भेज सकेंगी. </li>
<li>इस SWIK Portal 2.0 का खास मकसद आधार ऑथेंटिकेशन के मंजूर इस्तेमाल के लिए आवेदन प्रक्रिया को आसान बनाना है.</li>
</ul>
<p style="text-align: justify;"><strong>UIDAI की नई वेबसाइट में मिलेंगी कई सुविधाएं</strong></p>
<p style="text-align: justify;">दरअसल, UIDAI ने अपनी वेबसाइट को भी नए डिजाइन के साथ लॉन्च किया है. इस नई वेबसाइट को इस तरह तैयार किया गया है कि लोगों को आधार से जुड़ी जानकारी, सेवाएं, डॉक्यूमेंट और सहायता आसानी से मिल सके.</p>
<ul>
<li style="text-align: justify;">वेबसाइट में स्क्रीन रीडर सपोर्ट दिया गया है.</li>
<li style="text-align: justify;">यूजर्स फॉन्ट का साइज एडजस्ट कर सकेंगे.</li>
<li style="text-align: justify;">बेहतर कलर कॉन्ट्रास्ट की सुविधा दी गई है.</li>
<li style="text-align: justify;">कीबोर्ड नेविगेशन को भी शामिल किया गया है.</li>
<li style="text-align: justify;">वेबसाइट अभी हिंदी और अंग्रेजी समेत 13 भाषाओं को सपोर्ट करती है.</li>
<li style="text-align: justify;">आने वाले समय में इसे 23 भाषाओं तक बढ़ाने की योजना है.</li>
</ul>
<p><strong><a href="https://www.abplive.com/utility-news/wrong-e-challan-for-no-helmet-when-vehicle-is-parked-how-to-file-complaint-3195860">बाइक खड़ी थी फिर भी कट गया चालान? जानें कैसे कर सकते हैं शिकायत</a></strong></p>
<p><iframe title="YouTube video player" src="https://www.youtube.com/embed/-1ms-BlJz1Q?si=fDw-iRLHiAOhmpL0" width="560" height="315" frameborder="0" allowfullscreen="allowfullscreen"></iframe></p>
What's Your Reaction?
Like
0
Dislike
0
Love
0
Funny
0
Wow
0
Sad
0
Angry
0
Comments (0)