सावधान! OTP और फर्जी ऑफर्स के जरिए खाली हो सकते हैं बैंक खाते

Oct 04, 2026 - 05:28
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सावधान! OTP और फर्जी ऑफर्स के जरिए खाली हो सकते हैं बैंक खाते
<p style="text-align: justify;">आज के डिजिटल दौर में साइबर ठग अब लोगों को फंसाने के लिए रोज नए-नए पैंतरें अपना रहे हैं. कभी कोई शानदार ऑफर का लालच दिया जाता है, तो कभी फोन करके इतनी जल्दी करके इनाम पाने का दबाव दिया जाता है कि सामने वाले को सोचने या जांचने का मौका ही नहीं मिलता. हाल ही के कुछ मामलों से पता चलता है कि पढ़े-लिखे और डिजिटल रूप से जागरूक लोग भी ऐसे जाल में फंस जाते हैं.&nbsp;</p> <p style="text-align: justify;">दरअसल, साइबर ठग अब लोगों को फंसाने के लिए सिर्फ संदिग्ध लिंक या फर्जी मैसेज पर निर्भर नहीं रहता है. वह डर, जल्दबाजी और भरोसे का इस्तेमाल करके लोगों को भी निशाना बना रहे हैं.</p> <p style="text-align: justify;"><strong>4 हजार की खरीदारी और iPhone जीतने का लालच</strong></p> <p style="text-align: justify;">रिपोर्ट के मुताबिक, &lsquo;प्रेरणा&rsquo; नाम से बताई गई एक कामकाजी महिला को एक स्किनकेयर वेबसाइट से करीब 4 हजार की खरीदारी करने पर iPhone जीतने का मौका मिलने की बात कही गई थी .यह ऑफर सुनने में आकर्षक था, लेकिन इसके पीछे धोखाधड़ी की कोशिश हो सकती थी.</p> <p style="text-align: justify;">इसके बाद उन्हें एक अनजान व्यक्ति का फोन आया. कॉल करने वाले ने दावा किया कि उनके पिता ने उनका नंबर दिया है और उनसे एक निश्चित रकम भेजने को कहा. हालांकि, इन दोनों मामलों में उन्होंने पैसे नहीं भेजे.</p> <p style="text-align: justify;"><strong>बिना ऑर्डर किए आया डिलीवरी का झांसा</strong></p> <p style="text-align: justify;">एक अन्य मामले में सबसे हैरान करने वाली घटना तब हुई जब एक व्यक्ति ने खुद को वालमो डिलीवरी पार्टनर बताया. उसने दावा किया कि एक कैश ओन डीलीवरी पैकेज उनके पते पर पहुंचा है और ऑर्डर रद्द करने के लिए OTP चाहिए.</p> <p style="text-align: justify;">महिला ने जब अपने शॉपिंग ऐप पर जांच की तो वहां ऐसा कोई ऑर्डर मौजूद नहीं था, इसके बावजूद कथित डिलीवरी पार्टनर ने पैकेज वापस लेने से इनकार कर दिया और केनसिलेशन OTP मांगता रहा.</p> <p style="text-align: justify;">उन्होंने OTP साझा कर दिया, बाद में परिवार को घटना बताने पर उन्हें समझ आया कि इस तरह के OTP का इस्तेमाल बैंक खाते या डिजिटल वित्तीय जानकारी तक पहुंच बनाने के लिए किया जा सकता है. इसके बाद उन्होंने तुरंत बैंकिंग पासवर्ड और UPI पिन बदल दिए.</p> <p style="text-align: justify;"><strong>पढ़े-लिखे लोग भी बन रहे निशाना</strong></p> <p style="text-align: justify;">साइबर ठगी का खतरा केवल कम डिजिटल जानकारी रखने वाले लोगों तक सीमित नहीं है. IIT मद्रास के शोधकर्ताओं की एक हालिया स्टडी में सामने आया कि डिजिटल रूप से अनुभवी और उच्च शिक्षा प्राप्त लोग भी वित्तीय साइबर धोखाधड़ी का शिकार हो सकते हैं.</p> <p style="text-align: justify;">ठग अक्सर ऐसी स्थिति बनाते हैं जिसमें व्यक्ति डर, तनाव या जल्दबाजी में फैसला लेता है. इसी मानसिक दबाव के कारण पीड़ित कई बार सामान्य सावधानियों को नजर अंदाज कर देता है.</p> <p style="text-align: justify;"><strong>2021 से 2025 के बीच लाखों शिकायतें</strong></p> <p style="text-align: justify;">गृह मंत्रालय के आंकड़ों के अनुसार, साल 2021 से 2025 के बीच &nbsp;नेश्नल साइबर क्राईम पोर्टल पर वित्तीय धोखाधड़ी से जुड़ी 65.89 लाख से ज्यादा शिकायतें दर्ज हुईं. इन मामलों में 55,050 करोड़ रुपये से अधिक की रकम शामिल थी. रिपोर्ट के अनुसार, साल 2021 में करीब 2.62 लाख शिकायतें दर्ज हुई थीं, जो 2025 में बढ़कर 24.02 लाख हो गईं. इसी अवधि में रिपोर्ट की गई वित्तीय धोखाधड़ी की रकम भी लगभग 551 करोड़ रुपये से बढ़कर 22,495 करोड़ तक पहुंच गई.</p> <p style="text-align: justify;"><strong>ठगी के लिए अपनाए जा रहे हैं कई तरीके</strong></p> <p style="text-align: justify;">साइबर अपराधी अलग-अलग परिस्थितियों को बहाना बनाकर लोगों को फंसाते हैं. इनमें डिजिटल अरेसट के नाम पर डराना, फर्जी कोरियर या पार्सल का मामला, UPI कलेक्ट रिक्योस्ट, KYC अपडेट के नाम पर जानकारी मांगना और नकली इंवेस्टमेंट या स्टोक ट्रेडिंग योजनाएं शामिल हैं. इन मामलों में एक बात अकसर समान होती है, ठग पीड़ित को तुरंत कोई कार्रवाई करने के लिए दबाव में डालते हैं.</p> <p style="text-align: justify;"><strong>साइबर फ्रॉड से बचने के लिए क्या करें?</strong></p> <p style="text-align: justify;">विशेषज्ञों के मुताबिक, किसी अनजान व्यक्ति के साथ OTP, बैंकिंग पासवर्ड, UPI पिन या अन्य संवेदनशील जानकारी साझा नहीं करनी चाहिए. संदिग्ध लिंक पर क्लिक करने से भी बचना जरूरी है. वकील और वैश एसोसिएट के वरिष्ठ पार्टनर विजय पाल दलमिया ने सलाह दी है कि साइबर धोखाधड़ी की स्थिति में नेश्नल साइबर क्राईम हेल्पलाइन 1930 पर तुरंत शिकायत करें या नेश्नल साइबर क्राईम रिपोर्टिंग पोर्टल का इस्तेमाल करें.</p> <p style="text-align: justify;">म्लटी फैक्टर ओथेनंटिकेशन को सक्रिय रखना भी सुरक्षा बढ़ा सकता है. अगर धोखाधड़ी हो जाए तो SMS, चैट, ईमेल, फोन नंबर, ट्रांजैक्शन रसीद और संदिग्ध लिंक जैसे सबूत सुरक्षित रखें. बैंकिंग पासवर्ड और संबंधित पिन भी तुरंत बदलें.</p> <p style="text-align: justify;"><strong>बिना ऑर्डर वाले पारर्सल पर OTP कभी न दें</strong></p> <p style="text-align: justify;">अगर किसी ऐसे सामान की डिलीवरी के नाम पर केनसिलेशन OTP मांगा जाए जिसे आपने ऑर्डर ही नहीं किया है, तो पैकेज स्वीकार न करें और OTP बिल्कुल साझा न करें. सबसे जरूरी बात यह है कि फोन पर सामने वाला कितना भी भरोसेमंद लगे या कितनी भी जल्दी करने के लिए कहे, पहले जानकारी की स्वतंत्र रूप से पुष्टि करें. OTP देने से पहले रुकना और जांच करना ही साइबर ठगी से बचने की सबसे आसान सावधानियों में से एक है.</p> <p style="text-align: justify;"><strong>यह भी पढ़ें- </strong><strong><a href="https://www.abplive.com/utility-news/mcd-in-delhi-pay-only-the-principal-amount-of-property-tax-interest-and-penalties-waived-ann-3196899">दिल्ली में MCD का बड़ा ऐलान, प्रॉपर्टी टैक्स का सिर्फ मूल चुकाएं, ब्याज और जुर्माना माफ</a></strong></p> <p style="text-align: justify;"><strong>यह भी देखें-</strong></p> <p style="text-align: justify;"><iframe title="YouTube video player" src="https://www.youtube.com/embed/IEeRfMrReAA?si=zxvenaTAuuq6hXjH" width="560" height="315" frameborder="0" allowfullscreen="allowfullscreen"></iframe></p>

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