दिल्ली में MCD का बड़ा ऐलान, प्रॉपर्टी टैक्स का सिर्फ मूल चुकाएं, ब्याज और जुर्माना माफ
<p style="text-align: justify;">एमसीडी ने संपत्तिकर निपटान योजना ‘सुनियो 2.O’ शुरू की है, जिसके तहत संपत्ति स्वामी चालू वित्त वर्ष समेत पिछले सात वित्तीय वर्षों का मूल संपत्तिकर जमा करके पुराने बकाये से राहत पा सकते हैं. इतना ही नहीं, बकाये पर लगा ब्याज और जुर्माना भी माफ किया जाएगा. योजना का लाभ लेने की समयसीमा 31 दिसंबर 2026 तक है. जिसके बाद निगम पुराने बकायेदारों के खिलाफ कार्रवाई शुरू करेगा.</p>
<p style="text-align: justify;">महापौर प्रवेश वाही के मुताबिक, योजना में संपत्ति मालिकों को वित्त वर्ष 2026-27 के साथ-साथ 2019-20 से 2025-26 तक के सात पिछले वित्तीय वर्षों का मूल संपत्तिकर जमा करना होगा. यानी कुल सात साल के मूल कर भुगतान के आधार पर पुराने बकाये को निपटाने का रास्ता मिलेगा. इस भुगतान पर ब्याज और जुर्माना नहीं लिया जाएगा. इसके बाद पात्र संपत्ति मालिकों को पिछले वर्षों के बकाये से राहत दी जाएगी.</p>
<h3 style="text-align: justify;">5 लाख या उससे ज्यादा बकाया वालों के लिए भी सुविधा</h3>
<p style="text-align: justify;">एमसीडी ने उन करदाताओं के लिए भी व्यवस्था की है जिनकी कुल संपत्तिकर देनदारी 5 लाख रुपये या उससे अधिक है. ऐसे लोग योजना की निर्धारित शर्तों के तहत बकाया रकम को समान किस्तों में जमा कर सकते हैं. इससे बड़ी देनदारी वाले संपत्ति मालिकों को पूरी राशि एक साथ जमा करने का दबाव नहीं रहेगा.</p>
<h3 style="text-align: justify;">गलत जानकारी दी है तो रिकॉर्ड सुधरवाने का भी मौका</h3>
<p style="text-align: justify;">संपत्तिकर से जुड़े विवरण में गलती रह गई है तो उसे ठीक कराने का मौका भी योजना में दिया गया है. अगर किसी करदाता ने गलत जानकारी के आधार पर संपत्तिकर जमा किया है, तो वह अपने रिकॉर्ड में संशोधन करा सकेंगे. यानी योजना के लाभ के तहत न सिर्फ करदाताओं को बकाये के निपटारे के दौरान फायदा मिलेगा बल्कि वे अपने कर रिकॉर्ड को भी दुरुस्त करा सकेंगे.</p>
<h3 style="text-align: justify;">कोर्ट में लंबित मामलों के भी पा सकेंगे राहत</h3>
<p style="text-align: justify;">जिन संपत्ति मालिकों का संपत्तिकर विवाद कोर्ट में लंबित है, वे भी ‘सुनियो 2.0’ का लाभ उठा सकते हैं. इसके लिए उन्हें हलफनामा देना होगा और संबंधित लंबित मुकदमा वापस लेना पड़ेगा. यह पहल उन करदाताओं के लिए काफी राहत भरी होगी जिनके पुराने संपत्तिकर विवाद अभी कानूनी प्रक्रिया में हैं.</p>
<h3 style="text-align: justify;">योजना के लाभ के लिए यह काम होगा जरूरी</h3>
<p style="text-align: justify;">योजना का लाभ लेने के लिए करदाताओं को एमसीडी के संपत्ति कर पोर्टल पर ऑनलाइन संपत्तिकर विवरणी दाखिल करनी होगी. इसके बाद निर्धारित मूल कर का भुगतान करना होगा. निगम की स्थायी समिति की अध्यक्ष सत्या शर्मा ने कहा कि योजना का मकसद पुराने संपत्तिकर मामलों को निपटाने के साथ करदाताओं को अपना कर खाता नियमित करने का अवसर देना है. निगम के मुताबिक, इससे कर व्यवस्था को सरल बनाने और राजस्व बढ़ाने में भी मदद मिलेगी.</p>
<p style="text-align: justify;">योजना की जानकारी ज्यादा से ज्यादा करदाताओं तक पहुंचाने के लिए एमसीडी क्षेत्रीय कार्यालयों के जरिए जागरूकता अभियान और करदाता सुविधा शिविर आयोजित कर रही है. सहायता के लिए निगम ने 7065064988 हेल्पलाइन नंबर भी जारी किया है.</p>
<p style="text-align: justify;"><strong>यह भी पढ़ें- <a href="https://www.abplive.com/utility-news/delhi-women-may-need-pink-saheli-smart-card-for-free-bus-rides-3196692">आज से बदल गए दिल्ली में फ्री बस यात्रा के नियम, अब पिंक सहेली कार्ड जरूरी</a></strong></p>
What's Your Reaction?
Like
0
Dislike
0
Love
0
Funny
0
Wow
0
Sad
0
Angry
0
Comments (0)