स्वामी अवधेशानंद जी गिरि के जीवन सूत्र:हमारी संस्कृति की सीख है कि हम दूसरों के काम आएं, इसलिए स्वार्थ छोड़कर जरूरतमंदों की मदद करें
हमारी संस्कृति की सीख है कि हम दूसरों के काम आएं। हमारी वाणी में प्रियता हो, हमारे कर्म निष्काम हों और हमारा जीवन सेवा और परमार्थ की भावना से प्रेरित हो। भारत के महापुरुषों, सत्पुरुषों, ऋषि-मुनियों ने यही शिक्षा दी है कि हम सदैव सेवा भावी, विनम्र और परमार्थी बने रहें। स्वार्थ से ऊपर उठकर जरूरतमंदों की सहायता करें। दूसरों के सुख-दुख में हम भी सहभागी बनें, यही सच्ची मानवता है। आज जूनापीठाधीश्वर आचार्य महामंडलेश्वर स्वामी अवधेशानंद जी गिरि के जीवन सूत्र में जानिए हमारे पूर्वजों ने क्या संदेश दिया है? आज का जीवन सूत्र जानने के लिए ऊपर दिए गए फोटो पर क्लिक करें।
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