स्वामी अवधेशानंद जी गिरि के जीवन सूत्र:ईश्वर की शरण में जाने से हमारी चिंताएं दूर होती हैं और हमारा मन शांत होता है
ईश्वर की शरण में जाने से मन को शांति, निश्चिंतता और निर्भयता मिलती है। शरणागति का अर्थ है- ईश्वर पर पूरा भरोसा और अपने मन को उनके प्रति समर्पित करना। निश्चितंता यानी चिंताओं से मुक्ति। मनुष्य अक्सर अहंकार के कारण सोचता है कि उसकी सफलता केवल उसकी अपनी मेहनत, बुद्धि और योग्यता से मिली है, लेकिन ऐसा मानना सही नहीं है। हमें अपनी सफलता और जीवन के लिए ईश्वर के प्रति कृतज्ञ होना चाहिए। ईश्वर के प्रति कृतज्ञता होने का अर्थ है- ईश्वर की कृपा के लिए धन्यवाद देना। अगर हम हर समय ईश्वर की कृपा और साथ को महसूस करें, तो हमारे मन से चिंता दूर होती है। आज जूनापीठाधीश्वर आचार्य महामंडलेश्वर स्वामी अवधेशानंद जी गिरि के जीवन सूत्र में जानिए जीवन में सरलता कैसे आ सकती है? आज का जीवन सूत्र जानने के लिए ऊपर दिए गए फोटो पर क्लिक करें।
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