राजपाल यादव को SC ने लगाई फटकार:तत्काल 1.15 करोड़ का ड्राफ्ट जमा कराया, 7 चेक बाउंस मामलों में पेश हुए एक्टर
बॉलीवुड एक्टर राजपाल यादव को बुधवार को सुप्रीम कोर्ट ने फटकार लगाई। कोर्ट ने चेक बाउंस के मामले में तत्काल 1.15 करोड़ रुपये जमा करने का आदेश दिया। साथ ही उन्हें दी गई सजा बढ़ाने की चेतावनी भी दी। इसके बाद राजपाल यादव ने कोर्ट में 1.15 करोड़ रुपये का डिमांड ड्राफ्ट जमा किया, जिसे रजिस्ट्री में जमा करने के निर्देश दिए गए। कोर्ट ने आज राजपाल यादव के 7 चेक बाउंस मामलों में दोषी ठहराए जाने और 3 महीने की सजा के खिलाफ उनकी याचिका पर सुनवाई की। इस दौरान कोर्ट ने राजपाल यादव जज के सामने पेश हुए। राजपाल यादव ने चीफ जस्टिस ऑफ इंडिया (CJI) की बेंच से कहा कि 'अता पता लापता' फिल्म में उन्हें नुकसान हुआ है। उनके 17 करोड़ रुपये डूब गए और कुल 22 करोड़ रुपये लगे थे, लेकिन फिल्म से एक रुपया भी नहीं कमाया गया। फिल्म एक भी थिएटर में रिलीज नहीं हो पाई थी। अदालत ने उन्हें बाकी 85 लाख रुपये जमा करने के लिए 13 अक्टूबर तक का समय दिया है। इस मामले की अगली सुनवाई 2 सप्ताह बाद होगी। दो दिन पहले भी लगाई थी फटकार दो दिन पहले ही सोमवार को चेक बाउंस से जुड़े 7 मामलों में दोषी ठहराए गए राजपाल यादव को सुप्रीम कोर्ट ने 5 करोड़ रुपये जमा नहीं करने पर फटकार लगाई थी। कोर्ट ने कहा था कि रकम जमा करने के लिए उन्हें अब आखिरी मौका दिया जा रहा है। बता दें कि राजपाल यादव शाहजहांपुर के बंडा थाना क्षेत्र के कुंडरा गांव के रहने वाले हैं। उनके उपर जिस कंपनी ने केस किया है। उसके मालिक उद्योगपति माधौ गोपाल अग्रवाल भी शाहजहांपुर के निवासी हैं। 2010 में फिल्म के लिए लिया था 5 करोड़ का फंड यह मामला करीब 16 साल पुराना है। शिकायतकर्ता कंपनी के मुताबिक, 2010 में राजपाल यादव को उनकी फिल्म 'अता पता लापता' के लिए करीब 5 करोड़ रुपए की आर्थिक मदद दी गई थी। फिल्म के निर्देशन और निर्माण से जुड़े राजपाल यादव पर रकम लौटाने की जिम्मेदारी थी। बाद में दोनों पक्षों के बीच समझौते हुए और भुगतान के लिए चेक जारी किए गए, लेकिन उनमें से सात चेक बाउंस हो गए। दिल्ली हाईकोर्ट ने सुनाई थी 3 महीने की सजा मामले में राजपाल यादव को दोषी ठहराया गया था। जुलाई 2026 में दिल्ली हाईकोर्ट ने सातों मामलों में उनकी सजा बरकरार रखते हुए तीन महीने की जेल की सजा सुनाई थी। सभी सजाएं एक साथ चलने का आदेश दिया गया था। इसके बाद राजपाल यादव ने सुप्रीम कोर्ट में हाईकोर्ट के फैसले को चुनौती दी। सुप्रीम कोर्ट ने सितंबर में उन्हें सरेंडर करने से अंतरिम राहत दी थी, लेकिन इसके लिए भुगतान की शर्त रखी थी। 15 सितंबर को कोर्ट ने उन्हें रकम जमा करने के लिए अतिरिक्त समय दिया था। अब भुगतान की शर्त पूरी नहीं होने पर कोर्ट ने उन्हें आखिरी मौका दिया है। खबर लगातार अपडेट की जा रही है….
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